राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ कथित तौर पर पांच दिनों तक 30 से अधिक लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस के अनुसार, इस जघन्य अपराध में कुछ होटल संचालकों और एक ऑटो चालक की भी अहम भूमिका सामने आई है। मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।पुलिस जांच के मुताबिक, 18 जून को बच्ची अपने घर से लापता हो गई थी। जांच में सामने आया कि एक ई-रिक्शा/ऑटो चालक ने कथित तौर पर बच्ची को अपने झांसे में लिया और उसे होटल संचालकों के हवाले कर दिया। आरोप है कि इसके बदले उसे पैसे भी दिए गए। इसके बाद बच्ची को शहर के अलग-अलग होटलों में ले जाया गया, जहां कई दिनों तक उसका यौन शोषण किया गया।

एफआईआर और पुलिस जांच के अनुसार, जिन होटलों में बच्ची को ले जाया गया, वहां के कुछ संचालकों और कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने न केवल आरोपियों को कमरे उपलब्ध कराए, बल्कि बच्ची को एक होटल से दूसरे होटल तक पहुंचाने में भी सहयोग किया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरे अपराध में कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि जब भी वह विरोध करती थी या दर्द की शिकायत करती थी, तो उसे जबरन शराब पिलाई जाती थी ताकि वह विरोध न कर सके। इसके बाद अलग-अलग लोग उसके साथ दुष्कर्म करते रहे। बच्ची के बयान के आधार पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन होटलों पर बुलडोजर चलाया, जिनका नाम जांच में सामने आया। अधिकारियों का कहना है कि अपराध में इस्तेमाल किए गए या अवैध रूप से संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज, होटल रजिस्टर, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।इस घटना ने पूरे प्रदेश में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों ने दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा देने और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए सख्त व्यवस्था लागू करने की मांग की है।




