रवि शास्त्री की सलाह- वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट न खेलें बुमराह, टेस्ट क्रिकेट पर दें ध्यान

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को लेकर अहम सलाह दी है। उनका मानना है कि बुमराह को वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट में लगातार नहीं खेलना चाहिए। उन्हें टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि उनकी फिटनेस बनी रहे और बड़े टूर्नामेंट में टीम को उनकी सेवाएं मिल सकें। बुमराह भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं, इसलिए उनके कार्यभार को सही तरीके से संभालना जरूरी है।

रवि शास्त्री की सलाह ऐसे समय में आई है, जब भारतीय टीम को आने वाले महीनों में कई अहम सीरीज खेलनी हैं। बुमराह पहले भी चोटों की वजह से क्रिकेट से दूर रह चुके हैं। ऐसे में लगातार टेस्ट, वनडे और टी20 मैच खेलने से उनके शरीर पर दबाव बढ़ सकता है। शास्त्री का मानना है कि टीम प्रबंधन को उनके खेलने के कार्यक्रम पर सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए, ताकि वह लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए उपलब्ध रह सकें।

भारत का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। इस दौरे में दोनों टीमों के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय, वनडे और टेस्ट मुकाबले खेले जाने हैं। बुमराह को लेकर टीम प्रबंधन का फैसला उनकी फिटनेस और कार्यभार को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टेस्ट क्रिकेट में उनकी भूमिका खास है, क्योंकि लंबे प्रारूप में तेज गेंदबाजों को लगातार मेहनत करनी पड़ती है।

शास्त्री ने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भी तारीफ की है। उन्होंने टीम में अनुभव के महत्व पर जोर दिया। इसके साथ ही मोहम्मद शमी के प्रदर्शन और टीम में उनकी उपयोगिता को भी अहम माना जा रहा है। अनुभवी गेंदबाजों की मौजूदगी से भारतीय टीम को बड़े मुकाबलों में मजबूती मिल सकती है।

भारत का लक्ष्य आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के साथ 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी को भी मजबूत करना है। ऐसे में बुमराह जैसे प्रमुख गेंदबाज को फिट रखना टीम प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी है। रवि शास्त्री की सलाह का मुख्य उद्देश्य यही है कि बुमराह को जरूरत के अनुसार आराम दिया जाए और उन्हें महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार रखा जाए।