उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी ने अब युवाओं और खासतौर पर Gen-Z यानी नई पीढ़ी के मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर फोकस बढ़ाया है। इसी कड़ी में सपा ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ‘PDA जागरूकता अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान के जरिए पार्टी छात्रों और युवाओं के बीच पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ उनकी समस्याओं और सुझावों को समझने की कोशिश कर रही है।
इस अभियान की जिम्मेदारी समाजवादी छात्रसभा को दी गई है। छात्र और युवा कार्यकर्ता कॉलेज कैंपस में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे। इस दौरान शिक्षा, रोजगार, आरक्षण, फीस, युवाओं के लिए अवसर और छात्रसंघ चुनाव जैसे मुद्दों पर उनकी राय ली जाएगी। पार्टी का कहना है कि युवाओं से मिलने वाले सुझावों को आगामी चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने में शामिल किया जा सकता है।
सपा की इस रणनीति में PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को जोड़ने के साथ युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले भी PDA को अपनी राजनीतिक रणनीति का प्रमुख हिस्सा बना चुके हैं। अब कॉलेज और विश्वविद्यालयों के जरिए इस सामाजिक समीकरण को युवा वर्ग से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
सपा की ओर से युवाओं को ध्यान में रखते हुए अपने पुराने कार्यकाल की कुछ योजनाओं को भी चर्चा में लाया जा रहा है। इनमें कन्या विद्याधन, बेरोजगारी भत्ता और मुफ्त लैपटॉप योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को भी पार्टी के आगामी चुनावी एजेंडे में प्रमुखता मिलने की संभावना है।
PDA जागरूकता अभियान के बाद सपा की प्रदेशव्यापी ‘समाजवादी PDA यात्रा’ की भी तैयारी है। पार्टी की रणनीति के तहत इस यात्रा के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से संपर्क बढ़ाने और PDA के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की योजना है। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा का फोकस सामाजिक समीकरण के साथ-साथ युवा वोटरों तक अपनी पहुंच मजबूत करने पर दिखाई दे रहा है।





