महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बुधवार तड़के भारी बारिश के बीच एक दर्दनाक भूस्खलन की घटना सामने आई। कुर्ला के चिराग नगर स्थित गौसिया चॉल में पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक ढह गया और उसका मलबा आसपास की झोपड़ियों पर जा गिरा। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
घटना बुधवार सुबह करीब 3:48 बजे हुई। जिस समय पहाड़ी का हिस्सा गिरा, उस वक्त ज्यादातर लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक मलबा झोपड़ियों पर गिरने से लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मलबे की चपेट में करीब 6 से 7 झोपड़ियां आईं।

घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, बीएमसी और अन्य आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। NDRF की टीमें भी बचाव अभियान में जुटी हैं। राहतकर्मी मलबे को सावधानी से हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। बचाव अभियान में विशेष विक्टिम-डिटेक्शन कैमरों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है, ताकि मलबे के नीचे किसी व्यक्ति के जिंदा होने के संकेत मिल सकें।हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में मदद की। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे के नीचे अभी भी चार से पांच लोगों के फंसे होने की आशंका है। बचाव दल बेहद सावधानी से मलबा हटा रहे हैं, ताकि किसी संभावित जीवित व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती रिपोर्टों में दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। मृतकों में 28 वर्षीय साहिल अंसारी और 14 वर्षीय मोहम्मद समीर की पहचान की गई थी। बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई।मुंबई में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन की टीमें आसपास के इलाकों की भी निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी अन्य संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। मृतकों की संख्या और हादसे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।





