देश के कुछ हिस्सों में एक बार फिर कोरोना वायरस (COVID-19) के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हाल के दिनों में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों से नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल अधिकांश मरीजों में हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं और घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
रिपोर्टों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में पिछले कुछ सप्ताह के दौरान नए कोरोना मामलों के साथ कुछ मौतें भी दर्ज की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग वायरस के नए स्वरूप की जांच के लिए नमूनों का परीक्षण करा रहा है। वहीं महाराष्ट्र में भी तीन साल बाद संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिस पर स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी रख रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना अब एक स्थानिक (एंडेमिक) बीमारी की तरह मौजूद है। इसलिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना, खांसी या बुखार जैसे लक्षण होने पर जांच कराना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना अभी भी महत्वपूर्ण है। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सावधानी और जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर संक्रमण के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। घबराने की बजाय सतर्कता और जागरूकता ही इस समय सबसे प्रभावी उपाय है।




