भारत-चीन संबंधों में नई शुरुआत, 21 सितंबर से फिर शुरू होगी सीधी उड़ान

भारत और चीन के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है। 21 सितंबर 2026 से भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवा फिर से शुरू होने जा रही है। इससे दोनों देशों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों, छात्रों, कारोबारियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।

गलवान घाटी की घटना के बाद भारत और चीन के रिश्तों में काफी तनाव बढ़ गया था। इसका असर दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही पर भी पड़ा। अब दोनों देश धीरे-धीरे संबंधों को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। सीधी उड़ानों की बहाली को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नई उड़ान सेवा शुरू होने से भारत और चीन के बीच यात्रा आसान और तेज होगी। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों, पर्यटन और लोगों के आपसी संपर्क को भी बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, यह फैसला दोनों देशों के बीच बातचीत और संबंधों को आगे बढ़ाने की कोशिशों का संकेत माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच होने वाली मुलाकात भी इस पूरे घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बनाती है। दोनों नेताओं के बीच सीमा विवाद, व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। हालांकि दोनों देशों के बीच अभी भी कई मतभेद मौजूद हैं, लेकिन सीधी उड़ानों की वापसी भारत-चीन रिश्तों में एक सकारात्मक कदम जरूर मानी जा रही है।