भारत की सैन्य क्षमताओं का सम्मान करता है पाकिस्तान, बोला- हम किसी हथियारों की रेस में नहीं

भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के बीच पाकिस्तान की सेना की ओर से भारत की सैन्य ताकत को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता और इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान भारत की सैन्य क्षमताओं का सम्मान करता है, लेकिन वह भारत के साथ किसी तरह की हथियारों की दौड़ में शामिल नहीं है। एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे भारत की बढ़ती मिसाइल क्षमता, एयर डिफेंस सिस्टम और रक्षा क्षेत्र में बढ़ते निवेश को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से ही अपनी सैन्य क्षमता विकसित करता है।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने भारत के बड़े रक्षा बजट और लगातार मजबूत हो रही सैन्य तकनीक का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान का उद्देश्य भारत के साथ सैन्य या हथियारों की होड़ में शामिल होना नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान की सैन्य नीति को मुख्य रूप से रक्षात्मक बताते हुए कहा कि उनका देश किसी दूसरे देश के खिलाफ आक्रामक इरादा नहीं रखता। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर पाकिस्तान की सुरक्षा को कोई खतरा पैदा होता है या उस पर हमला किया जाता है, तो देश अपनी रक्षा करने की क्षमता रखता है। इस बयान को भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता को लेकर पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व की स्थिति के तौर पर देखा जा रहा है।

भारत पिछले कुछ वर्षों में अपनी रक्षा क्षमताओं को तेजी से मजबूत कर रहा है। स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों, एयर डिफेंस, ड्रोन, लड़ाकू विमानों और लंबी दूरी के हथियारों के क्षेत्र में भारत लगातार नई तकनीकों पर काम कर रहा है। देश के पास S-400 एयर डिफेंस सिस्टम, Akash और MRSAM जैसी प्रणालियां हैं, जबकि BrahMos जैसी मिसाइल प्रणालियां भी भारत की स्ट्राइक क्षमता को मजबूत करती हैं। इसके अलावा, भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई पीढ़ी की मिसाइल और एयर डिफेंस तकनीकों पर भी काम जारी है।

पाकिस्तान की ओर से आया यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दोनों देशों के बीच सुरक्षा और सैन्य मुद्दे लगातार चर्चा में रहते हैं। मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के बाद दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी। इसके बाद भी दोनों देशों के रक्षा प्रतिष्ठान एक-दूसरे की सैन्य गतिविधियों और क्षमताओं पर नजर रखते हैं। ऐसे माहौल में पाकिस्तान की सेना का यह कहना कि वह भारत के साथ हथियारों की रेस में नहीं है, साथ ही भारत की सैन्य क्षमताओं का सम्मान करने की बात कहना, दोनों देशों के बीच मौजूदा सुरक्षा समीकरण के लिहाज से महत्वपूर्ण बयान माना जा रहा है।