उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले का नाम एक बार फिर संत रविदास नगर करने की घोषणा की है। यह ऐलान संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला संत रविदास की महान विरासत को सम्मान देने और उनके सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास ने समाज में समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसे महापुरुषों के योगदान को उचित सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी भावना के तहत भदोही जिले को फिर से संत रविदास नगर के नाम से जाना जाएगा।
भदोही जिले के नाम का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की सरकार ने जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर रखा था। बाद में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान वर्ष 2014 में इसका नाम फिर से भदोही कर दिया गया। अब योगी सरकार ने इसे दोबारा संत रविदास नगर नाम देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने इस निर्णय को केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि संत रविदास के आदर्शों और सामाजिक समरसता को सम्मान देने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि सरकार समाज को जोड़ने वाले संतों और महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है।
इस घोषणा के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे संत रविदास के प्रति सम्मान बताया है। वहीं विपक्ष के कुछ नेताओं ने इसे आगामी चुनावों से जोड़ते हुए राजनीतिक निर्णय करार दिया है। इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
भदोही देश-विदेश में अपने कालीन उद्योग (कार्पेट इंडस्ट्री) के लिए प्रसिद्ध है और इसे “कार्पेट सिटी” के नाम से भी जाना जाता है। अब नाम परिवर्तन की घोषणा के बाद यह जिला एक बार फिर संत रविदास नगर के नाम से नई पहचान प्राप्त करेगा, हालांकि इसके लिए राज्य सरकार की औपचारिक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होना अभी बाकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा ने उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक विमर्श में नई चर्चा शुरू कर दी है। आने वाले समय में औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद भदोही की आधिकारिक पहचान फिर से संत रविदास नगर के रूप में स्थापित होगी।





