बिहार में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का होगा राज्यस्तरीय तबादला, 7वें वेतनमान पर जल्द फैसला

बिहार में विधान परिषद (MLC) चुनाव के बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और शिक्षकों को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि विभाग में कार्यरत लिपिकों और अन्य कर्मचारियों का राज्यस्तर पर तबादला किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विभागीय कामकाज में पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और शिक्षकों की समस्याओं को दूर करना है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों के तबादले की तैयारी की जा रही है। राज्यस्तरीय तबादले के तहत कर्मचारियों को दूसरे जिलों में भी भेजा जा सकेगा। उदाहरण के तौर पर भागलपुर में तैनात किसी कर्मचारी की पोस्टिंग कैमूर में की जा सकती है। मंत्री ने कहा कि शिक्षकों से पैसे मांगने या उन्हें बेवजह परेशान करने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, सातवें वेतनमान की मांग कर रहे शिक्षकों को भी सरकार के फैसले का इंतजार है। शिक्षा मंत्री ने संकेत दिया है कि इस मामले में अगले 30 दिनों के भीतर निर्णय लिया जा सकता है। इसके लिए अधिकारियों को बिहार और दूसरे राज्यों में शिक्षकों को मिलने वाली सुविधाओं का अध्ययन करने तथा सातवें वेतनमान को लागू करने से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अतिरिक्त खर्च का आकलन करने को कहा गया है। हालांकि, वेतनमान लागू करने की अंतिम तारीख और इससे जुड़ी शर्तों की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।

शिक्षा मंत्री ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गुरुकुलम स्थापित करने की योजना की भी जानकारी दी। इसके तहत सबसे पहले बक्सर में गुरुकुलम स्थापित किया जाएगा। इसके बाद भागलपुर सहित बिहार के सभी प्रमंडलों में ऐसी संस्थाएं शुरू करने की योजना है। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक गुरु-शिष्य परंपरा को बढ़ावा देने के साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। इसके अलावा शारीरिक स्वास्थ्य अनुदेशकों को पूर्णकालिक बनाने के मुद्दे पर भी नई मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार की इन घोषणाओं के बाद शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और शिक्षकों की नजर आगामी फैसलों पर है। राज्यस्तरीय तबादले से लंबे समय से एक ही जगह तैनात कर्मचारियों की पोस्टिंग बदल सकती है, जबकि सातवें वेतनमान पर निर्णय से शिक्षकों के वेतन और आर्थिक लाभ पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, इन घोषणाओं को लागू करने के लिए सरकार के आधिकारिक आदेश का इंतजार है।