बिट्टू तबाही की वायरल जॉब ऑफर कहानी में नया मोड़, डच CEO के बाद Ocean Cleanup टीम के साथ दिखा वीडियो

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की अजनार नदी को लगभग अकेले साफ करने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर बिट्टू तबाही के नाम से जाना जाता है, की कहानी अब एक और नए मोड़ पर पहुंच गई है। नदी की सफाई के उनके वीडियो वायरल होने के बाद नीदरलैंड की पर्यावरण संस्था द ओशन क्लीनअप के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने उन्हें अपनी संस्था के साथ काम करने का न्योता दिया था। अब बिट्टू का द ओशन क्लीनअप की टीम के साथ नजर आने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिससे उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई है।

बिट्टू ने 26 जनवरी 2026 से अजनार नदी की सफाई शुरू की थी। नदी में प्लास्टिक, बोतलें, कचरा, शैवाल और अन्य गंदगी जमा थी। शुरुआत में कुछ लोग उनके साथ जुड़े, लेकिन बाद में उन्होंने काफी हद तक अकेले ही सफाई अभियान जारी रखा। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अपने पैसे से जरूरी सामान खरीदा और कई महीनों तक नदी में उतरकर कचरा निकालते रहे। उनके सफाई अभियान के पहले और बाद की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए।

बिट्टू की मेहनत की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक तब पहुंची जब एक सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी सफाई मुहिम की तस्वीरें साझा की गईं। इस पोस्ट पर द ओशन क्लीनअप के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट की नजर पड़ी। स्लैट ने बिट्टू को सीधे अपनी संस्था के साथ काम करने का न्योता देते हुए लिखा कि वे उनके साथ काम करने आएं। इसके बाद यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।इसके बाद बिट्टू ने बताया कि उन्हें बॉयन स्लैट का फोन भी आया था। बातचीत में उनके काम और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी ली गई। हालांकि, उस समय किसी खास पद या नौकरी की भूमिका को अंतिम रूप नहीं दिया गया था। यानी वायरल पोस्ट में मिली पेशकश के बाद औपचारिक नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया अभी अलग चरण में थी।

बिट्टू की कहानी को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने में पूर्व इंग्लैंड क्रिकेटर केविन पीटरसन की प्रतिक्रिया ने भी भूमिका निभाई। पीटरसन ने उनकी नदी सफाई की कोशिश को शानदार और प्रेरणादायक बताया। इसके बाद बिट्टू को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और तेज हो गई और उनकी स्थानीय मुहिम वैश्विक पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे से जुड़ गई।बिट्टू फिलहाल 21 वर्षीय छात्र हैं और उनकी कहानी इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने किसी बड़े संगठन या सरकारी अभियान का इंतजार करने के बजाय खुद नदी में उतरकर काम शुरू किया। उनकी मुहिम ने यह सवाल भी खड़ा किया कि जिन जलस्रोतों की सफाई और संरक्षण की जिम्मेदारी व्यवस्था की है, उन्हें प्रदूषित होने से रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास क्यों नहीं हो पाए।

अब द ओशन क्लीनअप से जुड़ा नया वीडियो सामने आने के बाद बिट्टू की कहानी सिर्फ एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं रह गई है। अजनार नदी से शुरू हुआ उनका सफाई अभियान उन्हें अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण के मंच तक ले आया है। हालांकि, उनकी नौकरी की भूमिका और संस्था के साथ आगे का औपचारिक जुड़ाव क्या होगा, इस पर अभी और जानकारी का इंतजार है