उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के दोघट इलाके में पहली ही बारिश के बाद हाईवे किनारे मिट्टी कटने से सड़क का एक हिस्सा हवा में लटका दिखाई दे रहा है। सड़क के नीचे बड़े-बड़े गड्ढे बनने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, पहली ही बरसात में सड़क के नीचे से मिट्टी बह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का आरोप है कि यदि सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था मानकों के अनुसार की गई होती, तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के विकास संबंधी दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकार लगातार बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करती है, लेकिन यदि नई या हाल ही में विकसित सड़कें पहली बारिश भी नहीं झेल पा रही हैं, तो निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर समीक्षा की आवश्यकता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए।
फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन जल्द मौके का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत और जांच की प्रक्रिया शुरू करेगा, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि यदि सार्वजनिक धन से बनने वाली सड़कें पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होने लगें, तो विकास के दावों के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जवाबदेही पर भी गंभीर चर्चा होना स्वाभाविक है।




