नई दिल्ली: भारत की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस को फ्रांस में कर्मचारियों के कार्य समय (वर्किंग टाइम) की रिकॉर्डिंग प्रणाली से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने पर बड़ा झटका लगा है। फ्रांस के श्रम प्राधिकरण ने कंपनी पर 1.75 लाख यूरो (करीब ₹2 करोड़) का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने भी इस कार्रवाई की जानकारी अपने नियामकीय खुलासे में दी है।
जानकारी के अनुसार, फ्रांसीसी श्रम प्राधिकरण DRIEETS Île-de-France ने पाया कि इंफोसिस की कर्मचारियों के कार्य समय को रिकॉर्ड करने वाली प्रणाली स्थानीय श्रम कानूनों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं थी। फ्रांस में कंपनियों के लिए कर्मचारियों के काम के घंटों का सही और विश्वसनीय रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है।
इंफोसिस ने अपने बयान में कहा कि उसे इस जुर्माने की आधिकारिक सूचना 24 जुलाई को प्राप्त हुई। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में लागू कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगी और संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करेगी। साथ ही कंपनी का कहना है कि इस जुर्माने का उसके कारोबार, संचालन या वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोपीय देशों, विशेषकर फ्रांस में, कर्मचारियों के अधिकारों और श्रम कानूनों को लेकर नियम काफी सख्त हैं। ऐसे में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए स्थानीय कानूनों के अनुरूप अपनी कार्य प्रणालियों को बनाए रखना बेहद आवश्यक होता है। किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक कमी पर नियामक कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया है कि वैश्विक स्तर पर कारोबार करने वाली कंपनियों को हर देश के श्रम कानूनों और अनुपालन मानकों का कड़ाई से पालन करना पड़ता है। इंफोसिस ने कहा है कि वह इस मामले का समाधान नियमानुसार करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी।
हालांकि जुर्माने की राशि कंपनी के आकार की तुलना में बहुत बड़ी नहीं मानी जा रही है, लेकिन यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रम कानूनों के अनुपालन के महत्व को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कंपनियों को अपने समय-रिकॉर्डिंग और अनुपालन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाना होगा।




