उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पुलिसकर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान हमेशा सभी के लिए प्रेरणा बना रहेगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए प्रदेश में कानून-व्यवस्था में आए बदलावों का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में माफिया और अराजक तत्वों का प्रभाव था। उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कानून की रक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को अपने प्राणों का बलिदान देना पड़ा था। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है और पुलिस को अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की स्वतंत्रता मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने उपद्रव से उत्सव प्रदेश बनने तक का सफर तय किया है।
योगी आदित्यनाथ ने पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2.26 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है और पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता में 10 गुना वृद्धि हुई है। इसके अलावा, सात बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है। प्रत्येक जिले में साइबर थाना और हर पुलिस थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कदमों से पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक और जवाबदेह बनाने में मदद मिली है।
मुख्यमंत्री ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का ब्योरा देते हुए बताया कि गैंगस्टर एक्ट के तहत 88,973 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। उन्होंने इसे अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का प्रमाण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल देना सरकार की प्राथमिकता है।
अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिसकर्मियों के बलिदान और उनके परिवारों के त्याग को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने प्रदेश को सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया। पुलिस स्मृति दिवस पर दिया गया उनका संदेश पुलिसकर्मियों के योगदान को सम्मान देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के रुख को भी दर्शाता है।





