भारतीय वायुसेना की ओर से 21 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक पश्चिमी राजस्थान में बड़े हवाई सैन्य अभ्यास के लिए एयरस्पेस रिजर्व करने का NOTAM जारी किए जाने के बाद पाकिस्तान में हलचल तेज हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नोटिस और संभावित सैन्य गतिविधियों के प्रभाव का आकलन करने के लिए एक आपात बैठक बुलाई है। हालांकि, NOTAM जारी होना अपने आप में किसी संभावित हमले या सैन्य कार्रवाई का संकेत नहीं है, बल्कि सैन्य अभ्यास और हवाई गतिविधियों के लिए नियमित प्रक्रिया का हिस्सा भी हो सकता है।
भारतीय NOTAM के तहत जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर के आसपास का बड़ा हवाई क्षेत्र 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक सैन्य गतिविधियों के लिए आरक्षित रहेगा। रिपोर्टों के अनुसार, आरक्षित क्षेत्र की ऊंचाई करीब 40,000 फीट तक होगी और कुछ हिस्से भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 20 किलोमीटर तक नजदीक बताए गए हैं।
इस लंबे एयरस्पेस रिजर्वेशन ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि इसी अवधि में भारतीय वायुसेना के कई बड़े अभ्यास होने वाले हैं। 9 से 21 सितंबर तक भारत और जापान के बीच ‘वीर गार्जियन 26’ अभ्यास जोधपुर में प्रस्तावित है। इसमें पहली बार जापान के F-2A लड़ाकू विमान भारतीय एयरबेस से उड़ान भरेंगे। जापान की ओर से तीन F-2A फाइटर जेट और करीब 110 सैन्यकर्मियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
इसके तुरंत बाद 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक ‘तरंग शक्ति 2026’ बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास भी जोधपुर में आयोजित होने वाला है। इसमें कई देशों की वायुसेनाओं के शामिल होने की उम्मीद है। अभ्यास का उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायुसेनाओं के बीच तालमेल, संयुक्त संचालन क्षमता और जटिल हवाई मिशनों में प्रशिक्षण को मजबूत करना है।यानी सितंबर के दूसरे हिस्से से अक्टूबर की शुरुआत तक पश्चिमी राजस्थान में लगातार सैन्य हवाई गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। भारत के लिए यह अभ्यास पायलटों को वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में प्रशिक्षण देने, अलग-अलग लड़ाकू विमानों के साथ संचालन क्षमता बढ़ाने और बहुराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने का अवसर होगा।
उधर, पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था ने भी इस गतिविधि पर नजर बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भारतीय NOTAM की समीक्षा के लिए पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय में आपात बैठक हुई और मामले की जानकारी शीर्ष सैन्य नेतृत्व तक पहुंचाई गई। सीमा से लगे इलाकों में निगरानी और सतर्कता बढ़ाए जाने की भी रिपोर्ट है।
हालांकि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सार्वजनिक रूप से तनाव कम करने वाला बयान दिया है। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि इस मामले में “चिंता की कोई बात नहीं” है और भारत के पिछले अभ्यासों के पैटर्न का हवाला दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई “misadventure” होता है तो पाकिस्तान जवाब देने के लिए तैयार रहेगा।यहां NOTAM को समझना भी जरूरी है। NOTAM यानी Notice to Air Missions एक आधिकारिक विमानन सूचना होती है, जिसके जरिए पायलटों और विमानन एजेंसियों को किसी क्षेत्र में अस्थायी हवाई प्रतिबंध, सैन्य गतिविधि या अन्य महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी दी जाती है। इसलिए केवल NOTAM जारी होने को युद्ध की तैयारी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।फिर भी भारत-पाकिस्तान के बीच पहले से मौजूद तनाव के कारण सीमा के करीब इतने बड़े और लंबे अभ्यास पर पाकिस्तान की नजर जाना स्वाभाविक है। खासकर तब, जब इसमें भारत-जापान का ‘वीर गार्जियन’ और बहुराष्ट्रीय ‘तरंग शक्ति’ जैसे अभ्यास भी शामिल हों। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे भारतीय वायुसेना की निर्धारित सैन्य प्रशिक्षण गतिविधि के रूप में ही देखा जा रहा है; किसी आगामी हमले या सैन्य कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आने वाले हफ्तों में पश्चिमी राजस्थान का आसमान भारतीय और विदेशी लड़ाकू विमानों की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इन अभ्यासों से भारतीय वायुसेना की operational readiness और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ interoperability को परखने का मौका मिलेगा, जबकि पाकिस्तान इस पूरी गतिविधि पर करीब से नजर रख रहा है।





