बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन से प्रेरित होने को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा का बयान चर्चा में है। इस पर आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत के युवाओं को दूसरे देशों के बजाय भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने नेहा बोरा के बयान को उनकी निजी राय बताया|
दरअसल, नेहा बोरा ने बांग्लादेश के छात्र संगठन सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट के सम्मेलन के लिए जारी वीडियो संदेश में 2024 के बांग्लादेशी छात्र आंदोलन का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि भारत में युवाओं के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को बांग्लादेश के आंदोलन से प्रेरणा मिली है। उन्होंने बांग्लादेश के युवाओं को रास्ता दिखाने और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए बधाई भी दी। नेहा ने भारत में मतदाता अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए चल रहे विरोध प्रदर्शनों की तुलना बांग्लादेश के आंदोलन से की।
सौरभ भारद्वाज ने इस बयान पर कहा कि भारत के युवाओं के लिए भगत सिंह सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। उन्होंने भगत सिंह के बलिदान का जिक्र करते हुए कहा कि केवल 23 साल की उम्र में उन्होंने देश की आजादी के लिए अपनी जान दे दी थी। सौरभ के मुताबिक, भारत में ऐसे महान क्रांतिकारी हुए हैं, इसलिए प्रेरणा लेने के लिए दूसरे देशों की ओर देखने की जरूरत नहीं है।
इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी नेहा बोरा के बयान को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनसे जुड़े लोग भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करके सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं। भाजपा ने नेहा बोरा के बयान और विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों को इसी आरोप से जोड़कर सवाल उठाए। हालांकि, ये भाजपा के राजनीतिक आरोप हैं।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों में नेहा बोरा भी शामिल रही हैं। इस पूरे मामले ने लोकतांत्रिक अधिकारों, छात्र आंदोलनों और राजनीतिक विरोध को लेकर नई बहस छेड़ दी है।





