नीरव मोदी से जुड़े पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाला मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने वांटेड आरोपी संदीप मिस्त्री को UAE से डिपोर्ट करवाकर भारत लाया है। वह 28 सितंबर की रात करीब 11:55 बजे मुंबई पहुंचा, जिसके बाद CBI ने उसे हिरासत में ले लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
CBI के मुताबिक, संदीप मिस्त्री नीरव मोदी से जुड़ी कंपनियों के कामकाज में अहम भूमिका निभाता था। उस पर फर्जी अंतरराष्ट्रीय कारोबार दिखाने और हीरा, सोना व मोती के आभूषणों से जुड़े फर्जी आयात-निर्यात दस्तावेज तैयार करवाने में मदद करने के आरोप हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह अलग-अलग कंपनियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता था।
जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि मिस्त्री ने UAE में मौजूद कुछ कथित डमी कंपनियों के बैंक खातों से रकम निकालने में भूमिका निभाई। CBI का दावा है कि विदेशी कंपनियों के नाममात्र के डायरेक्टरों पर दबाव बनाया गया और उन्हें दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। एजेंसी के अनुसार, सबूत छिपाने के लिए सेल्फ-डिलीट होने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया गया।
संदीप मिस्त्री के खिलाफ इंटरपोल ने CBI के अनुरोध पर जुलाई 2026 में रेड नोटिस जारी किया था। इसके बाद UAE अधिकारियों ने उसे ट्रेस कर पकड़ा और भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू की। CBI के मुताबिक, करीब दो महीने के भीतर उसे भारत लाया गया। इस कार्रवाई में CBI के साथ विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और UAE अधिकारियों के बीच समन्वय रहा।
यह मामला नीरव मोदी से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के PNB घोटाले से संबंधित है। CBI के अनुसार, मिस्त्री पर करीब 6,498.20 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड से जुड़े मामले में आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप है। मामले में CBI पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अब भारत आने के बाद मिस्त्री से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई कोर्ट की निगरानी में होगी।





