बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने सोमवार, 28 सितंबर 2026 को नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद की 2024 की जीत को लेकर बड़ा आरोप लगाया। मायावती ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कथित तौर पर EVM में धांधली कर चंद्रशेखर आजाद को नगीना सीट से चुनाव जितवाया। उन्होंने यह भी कहा कि चंद्रशेखर का नगीना क्षेत्र में अपना मजबूत जनाधार नहीं था। मायावती ने EVM व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि खासकर कमजोर और कम शिक्षित वर्गों के बीच मतदान प्रक्रिया को लेकर विश्वास बनाए रखना जरूरी है। मायावती ने यह भी कहा कि BSP शुरुआत से ही EVM से मतदान का विरोध करती रही है।
2024 में क्या रहा था नगीना का परिणाम?भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2024 लोकसभा चुनाव में नगीना (SC) सीट से आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के चंद्रशेखर आजाद को 5,12,552 वोट मिले थे। उन्होंने BJP के ओम कुमार को 1,51,473 वोटों के अंतर से हराया था। ओम कुमार को 3,61,079 वोट मिले थे। समाजवादी पार्टी के मनोज कुमार 1,02,374 वोटों के साथ तीसरे और BSP के सुरेंद्र पाल सिंह 13,272 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे थे। मायावती के ताजा बयान में इन चुनावी आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए BJP पर EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। हालांकि, यह मायावती द्वारा लगाया गया राजनीतिक आरोप है; उपलब्ध चुनाव परिणामों में चंद्रशेखर आजाद की जीत आधिकारिक रूप से दर्ज है।
चंद्रशेखर पर भी साधा निशानामायावती ने चंद्रशेखर आजाद की राजनीति और उनके आंदोलन के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित मुद्दों पर आंदोलन के दौरान युवाओं पर मुकदमे दर्ज होने की स्थिति बनती है। साथ ही उन्होंने दलित समाज से चंद्रशेखर के प्रभाव में न आने की अपील की। मायावती के इस बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में EVM, दलित प्रतिनिधित्व और नगीना सीट को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। खास तौर पर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले BSP और आजाद समाज पार्टी के बीच दलित राजनीतिक आधार को लेकर बयानबाजी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।





