
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहाँ छात्रों के एक हॉस्टल की पांच मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय कई छात्र अपने-अपने कमरों में सो रहे थे, जिससे किसी को भी संभलने या भागने का मौका नहीं मिला। इमारत गिरते ही जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई और चारों तरफ धूल का गुबार तथा चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग और राहत-बचाव दल (NDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। भारी क्रेन और आधुनिक उपकरणों की मदद से कंक्रीट के मलबे को हटाने और फंसे हुए छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मलबे से निकाले जा रहे घायल छात्रों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल भेजा जा रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर छात्रों के हॉस्टल और पेइंग गेस्ट (PG) इमारतों के निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और जर्जर ढांचों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।





