दिल्ली के जाने-माने न्यूरोसर्जन और Institute of Brain & Spine (IBS) Hospital के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सचिन कंधारी का 50 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। उनके अचानक निधन की खबर से चिकित्सा जगत में शोक की लहर है।डॉ. कंधारी न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में करीब दो दशक से अधिक समय से सक्रिय थे। IBS Hospital की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, उनका काम खास तौर पर मिनिमली इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी, फंक्शनल न्यूरोसर्जरी और न्यूरोमॉड्यूलेशन से जुड़ा था।
उन्हें स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के इलाज और ऐसे मरीजों की मोबिलिटी बेहतर करने से जुड़ी तकनीकों पर काम के लिए भी जाना जाता था। IBS Hospital के अनुसार, उन्होंने भारत में स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से जुड़े मरीजों के लिए एपिड्यूरल स्टिमुलेशन ट्रीटमेंट और ब्लैडर-बॉवेल कंट्रोल से जुड़ी न्यूरोमॉड्यूलेशन तकनीकों के इस्तेमाल को आगे बढ़ाया।डॉ. कंधारी ने 2020 में IBS Hospital में Cyberdyne Hybrid Assistive Limb यानी HAL तकनीक की शुरुआत में भी भूमिका निभाई थी। अस्पताल के मुताबिक, यह तकनीक स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के बाद मरीजों की शारीरिक गतिविधियों और पुनर्वास में मदद के उद्देश्य से इस्तेमाल की जाती है।
उनके निधन पर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों और सहयोगियों ने शोक व्यक्त किया। उपलब्ध रिपोर्टों में उन्हें एक अनुभवी न्यूरोसर्जन के साथ-साथ स्पाइनल कॉर्ड इंजरी और न्यूरोमॉड्यूलेशन के क्षेत्र में काम करने वाले चिकित्सक के रूप में याद किया गया है।
डॉ. सचिन कंधारी की अचानक हुई मौत की खबर के बाद उनके मरीजों, सहकर्मियों और चिकित्सा समुदाय में शोक है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनके निधन का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है।





