अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संभावित बैठक को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह अगले महीने चीन में दोनों नेताओं के साथ होने वाली त्रिपक्षीय बैठक में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इस संभावित मुलाकात को वैश्विक राजनीति, परमाणु हथियारों पर नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक तीनों देशों की ओर से बैठक की तारीख और एजेंडे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप के बयान के मुताबिक, बैठक में परमाणु हथियारों की संख्या कम करने और दुनिया में परमाणु खतरे को घटाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। अमेरिका, रूस और चीन दुनिया की प्रमुख परमाणु शक्तियों में शामिल हैं। ऐसे में इन तीनों देशों के नेताओं के बीच बातचीत से हथियारों की होड़ को नियंत्रित करने और वैश्विक सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों को दिशा मिल सकती है। हालांकि, चीन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उसकी परमाणु क्षमता अमेरिका और रूस के बराबर नहीं है।
इस संभावित बैठक के एजेंडे में रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो सकता है। ट्रंप लगातार युद्ध समाप्त कराने की बात कहते रहे हैं और रूस के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का असर यूरोप की सुरक्षा और वैश्विक राजनीति पर पड़ रहा है। ऐसे में पुतिन और जिनपिंग के साथ संभावित बातचीत में युद्ध को समाप्त करने के रास्तों पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, बैठक में इस मुद्दे को शामिल किए जाने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मुलाकात नवंबर में चीन के शेनझेन शहर में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) सम्मेलन के आसपास हो सकती है। इस सम्मेलन में कई देशों के नेता शामिल होने वाले हैं। हालांकि, रूस की ओर से कहा गया है कि तीनों नेताओं की अलग से बैठक को लेकर अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। इसलिए फिलहाल इस मुलाकात को संभावित बैठक के तौर पर ही देखा जा रहा है।
इस बीच, यूक्रेन की ओर से भी ऐसी किसी बैठक को लेकर चिंता जताई गई है। यूक्रेन का कहना है कि उसके भविष्य और युद्ध से जुड़े किसी भी समझौते में उसकी भागीदारी जरूरी है। यदि अमेरिका, रूस और चीन के नेता इस मुद्दे पर बातचीत करते हैं, तो यूक्रेन की भूमिका और उसके हितों को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं।
फिलहाल, ट्रंप ने पुतिन और जिनपिंग के साथ बैठक में शामिल होने की इच्छा जताई है, लेकिन अंतिम फैसला होना बाकी है। यदि यह त्रिपक्षीय बैठक होती है, तो परमाणु हथियारों पर नियंत्रण, रूस-यूक्रेन युद्ध और प्रमुख देशों के आपसी संबंधों पर इसके महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकते हैं।





