मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि उनके सूत्रों के मुताबिक ज्ञानेश कुमार 10 अक्टूबर से पहले अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, इस दावे की अभी तक चुनाव आयोग या ज्ञानेश कुमार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। प्रदर्शन से जुड़े लोगों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की जा रही है।
ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद की बड़ी वजह मतदाता सूची के SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियां हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अपडेट करने, गलत और डुप्लीकेट नामों को हटाने तथा योग्य मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है।
ऐसे में ज्ञानेश कुमार के संभावित इस्तीफे को लेकर सामने आया दावा राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, जब तक चुनाव आयोग या खुद ज्ञानेश कुमार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक इसे केवल एक राजनीतिक नेता द्वारा किया गया दावा ही माना जाएगा। अब सबकी नजर 10 अक्टूबर से पहले होने वाले घटनाक्रम पर है।





