मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने अपना विरोध तेज कर दिया है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने का ऐलान किया है। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल हैं। इसी को लेकर विपक्षी नेता मुख्य न्यायाधीश से मिलकर अपनी मांगें रखना चाहते थे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात के लिए समय मांगा था। विपक्ष की योजना उन्हें ज्ञापन सौंपने की थी, लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने मुलाकात से इनकार कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने अपने विरोध को और तेज करने का संकेत दिया है।
विपक्ष की प्रमुख मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर रोक और चुनाव में बैलेट पेपर के इस्तेमाल जैसे मुद्दे शामिल हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना लोकतंत्र के लिए जरूरी है। हालांकि, चुनावी गड़बड़ियों से जुड़े आरोप विपक्ष के दावे हैं।
राहुल गांधी ने विपक्षी दलों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। विपक्ष का कहना है कि यह लड़ाई लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की रक्षा से जुड़ी है। अब इस विरोध प्रदर्शन और विपक्ष की मांगों को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।





