कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की महिला की गोली मारकर हत्या, स्टॉकर ने काम की जगह तक किया पीछा; महीनों से कर रहा था परेशान

अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की 38 वर्षीय महिला शालिनी ठाकुर की कथित तौर पर उसके स्टॉकर ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात सैक्रामेंटो के आर्डेन-आर्केड इलाके में एक शॉपिंग सेंटर के बाहर हुई। पुलिस के मुताबिक, 22 वर्षीय रोहित रोहित ने शालिनी का महीनों तक पीछा और कथित तौर पर उत्पीड़न किया था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी का पीछा किया, जिसके दौरान उसने हाईवे 50 पर खुद को गोली मार ली।सैक्रामेंटो काउंटी कोरोनर के कार्यालय ने मृतका की पहचान शालिनी ठाकुर के रूप में की है। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के समय उनकी मां भारत से उनके साथ रहने के लिए अमेरिका आई हुई थीं। परिवार ने शालिनी को बेहद caring, loving और selfless बताया है। उनकी मां ने आरोप लगाया कि शालिनी ने पुलिस से कई बार मदद मांगी थी, लेकिन इसके बावजूद उसे पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल सकी।पुलिस के मुताबिक, रोहित और शालिनी एक-दूसरे को करीब दो साल से जानते थे। दोनों अलग-अलग कंपनियों के लिए काम करते थे और उनकी मुलाकात शालिनी के कार्यस्थल पर DoorDash डिलीवरी के दौरान हुई थी। पुलिस का कहना है कि जनवरी 2026 से रोहित का व्यवहार लगातार ज्यादा परेशान करने वाला होता गया। शालिनी ने बाद में अदालत में दायर दस्तावेजों में दावा किया था कि उसका पीछा सितंबर 2025 से शुरू हुआ था और समय के साथ इसकी गंभीरता बढ़ती गई।

अदालत में दिए अपने बयान में शालिनी ने कई गंभीर आरोप लगाए थे। उसने बताया था कि उसकी कार के हुड के नीचे एक Apple AirTag मिला था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक किए जाने का शक हुआ। एक अन्य घटना में आरोपी ने कथित तौर पर उसकी कार के टायर की हवा निकाल दी और फिर उसे काम तक फॉलो किया, ताकि बाद में मदद करने का बहाना बना सके। पुलिस के मुताबिक, उसने शालिनी के अपार्टमेंट की एक चाबी भी हासिल कर ली थी और एक बार उसके सोते समय घर में घुस गया था।शालिनी ने अदालत में यह भी आरोप लगाया था कि रोहित उस पर शादी करने के लिए दबाव डाल रहा था और उसे दूसरे लोगों से मिलने-जुलने से रोकने की कोशिश करता था। दस्तावेजों में उसने यह दावा भी किया कि रोहित ने खुद को या उन लोगों को गोली मारने की धमकी दी थी, जिनसे वह मिलती थी। बढ़ते खतरे को देखते हुए शालिनी ने मई में सिविल हैरेसमेंट रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर के लिए आवेदन किया था। अदालत ने उसे अस्थायी सुरक्षा दी थी और रोहित को उससे संपर्क करने तथा उसके घर, काम की जगह और वाहन से दूर रहने का आदेश दिया गया था।

पुलिस के मुताबिक, जुलाई में भी रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर के कथित उल्लंघन की शिकायत सामने आई थी। शालिनी ने बताया था कि रोहित उसके घर के बाहर सामान छोड़कर गया था। इसके बावजूद 8 सितंबर को आरोपी कथित तौर पर शॉपिंग सेंटर की पार्किंग में उसका इंतजार कर रहा था। जब शालिनी काम पर पहुंची और अपनी कार की ओर बढ़ी, तो रोहित ने उसका सामना किया। पुलिस के मुताबिक, शालिनी भागने लगी तो आरोपी ने उसका पीछा किया और कई गोलियां चलाईं। जमीन पर गिरने के बाद भी उसने कथित तौर पर उसके सिर में नजदीक से गोली मारी। शालिनी की मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात के बाद गवाहों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की गाड़ी की तलाश शुरू की। FLOCK लाइसेंस प्लेट रीडर सिस्टम की मदद से पुलिस ने उसे हाईवे 50 के पास ट्रैक किया। वहां कई घंटे तक पुलिस कार्रवाई चली और हाईवे का एक हिस्सा बंद करना पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक, आखिरकार रोहित वाहन के अंदर मृत मिला और उसकी मौत प्रथम दृष्टया खुद को गोली मारने से हुई।

इस घटना ने अमेरिका में स्टॉकिंग और घरेलू हिंसा के मामलों में पीड़ितों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शालिनी ने अपनी हत्या से कई महीने पहले अदालत को बताया था कि उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है और इससे उसे गंभीर भावनात्मक परेशानी हो रही है। अब उनकी मौत के बाद परिवार इस बात पर सवाल उठा रहा है कि रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर होने के बावजूद आरोपी शालिनी तक कैसे पहुंचा। मामले की जांच अभी जारी है।