कानपुर: रिटायर्ड महिला IAS अफसर के बेटे के हमले में नए खुलासे, शादी से इनकार पर रची गई थी पूरी साजिश!

कानपुर के बिठूर क्षेत्र में IIT कानपुर की महिला कर्मचारी पर हुए जानलेवा हमले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। रिटायर्ड महिला IAS अधिकारी के बेटे देवाशीष निगम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी काफी समय से महिला पर शादी का दबाव बना रहा था और इनकार मिलने के बाद उसने सुनियोजित तरीके से हमला किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी देवाशीष निगम और पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच कुछ समय से बातचीत चल रही थी। बताया जा रहा है कि देवाशीष अपनी पत्नी से अलग रह रहा था, जबकि पीड़िता एक विधवा हैं और उनकी 16 वर्षीय बेटी भी है। महिला ने बेटी और पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए शादी से साफ इनकार कर दिया था। इसी बात को लेकर आरोपी लगातार उन पर मानसिक दबाव बना रहा था।

जांच में यह भी सामने आया है कि घटना वाले दिन आरोपी महिला को IIT कानपुर के मुख्य गेट से अपनी कार में बैठाकर बिठूर के ब्रह्मवर्त घाट की ओर ले गया। रास्ते में उसने एक बार फिर शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन महिला के इनकार करते ही दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कार को सुनसान स्थान पर रोका और गुस्से में पहले कार का शीशा ईंट से तोड़ दिया। इसके बाद महिला के सिर और चेहरे पर लगातार ईंट-पत्थरों से वार किए। गंभीर रूप से घायल महिला सड़क पर गिर गई, जबकि स्थानीय लोगों ने आरोपी को मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, पकड़े जाने के बाद आरोपी ने अपने प्रभाव का हवाला देते हुए कहा कि उसकी मां रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं। हालांकि पुलिस ने इस दावे की परवाह किए बिना तत्काल उसे हिरासत में लेकर हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या महिला को पहले भी धमकियां दी गई थीं या हमले की पहले से कोई योजना बनाई गई थी। वहीं पीड़िता का इलाज अस्पताल में जारी है। उनके बयान के आधार पर पुलिस मामले में अतिरिक्त धाराएं जोड़ने पर भी विचार कर रही है।

कानपुर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और उपलब्ध सभी डिजिटल तथा फोरेंसिक साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, पीछा करने (स्टॉकिंग) और शादी के लिए दबाव बनाने जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है।