कर्नाटक में वोटर डिलीशन के लिए 84,900 Form 7 आवेदन, चुनाव आयोग ने फर्जी दावों पर कार्रवाई के दिए निर्देश

कर्नाटक में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के बीच मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए अब तक 84,900 Form 7 आवेदन प्राप्त हुए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, ये आवेदन राज्य के 34 चुनावी जिलों में बूथ लेवल अधिकारियों के पास जमा किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा आवेदन बीदर में 5,915, शिवमोग्गा में 5,760 और दक्षिण कन्नड़ में 4,746 प्राप्त हुए हैं।चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, SIR प्रक्रिया के दौरान अब तक 43.43 लाख से ज्यादा नोटिस मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। Form 7 का इस्तेमाल मौजूदा मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने या प्रस्तावित नाम को लेकर आपत्ति दर्ज करने के लिए किया जाता है। हालांकि, केवल Form 7 जमा कर देने से किसी मतदाता का नाम अपने आप सूची से नहीं हटता। नियमों के तहत संबंधित मतदाता को नोटिस और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना जरूरी है।

84,900 आवेदनों का आंकड़ा सामने आने के बाद कर्नाटक में राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। कुछ इलाकों में आरोप सामने आए हैं कि बड़ी संख्या में Form 7 आवेदन एक साथ जमा किए गए और इनमें कुछ मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की मांग की गई। बेलथंगडी विधानसभा क्षेत्र के उजिरे में 82 मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन किए जाने का मामला सामने आया है। प्रभावित मतदाताओं ने आरोप लगाया कि उनके नाम और EPIC नंबर वाले पहले से भरे हुए फॉर्म बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा किए गए थे। इन आरोपों की जांच जारी है।

बीदर, मैसूर और बेलगावी में भी Form 7 के कथित दुरुपयोग को लेकर शिकायतें और FIR सामने आई हैं। बेलगावी में पुलिस ने BJP नेता रवि पाटिल समेत कुछ लोगों के खिलाफ 198 मतदाताओं के नाम हटाने के कथित प्रयास को लेकर मामला दर्ज किया है। वहीं बीदर में 3,244 मतदाताओं से जुड़े कथित फर्जी Form 7 आवेदनों को लेकर भी FIR दर्ज हुई है। इन मामलों में लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं।विवाद के बीच चुनाव आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि Form 7 के जरिए जानबूझकर गलत जानकारी या फर्जी दावे दाखिल करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाए। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कार्रवाई से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वास्तविक मतदाताओं के नाम गलत तरीके से न हटाए जाएं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने Form 7 के कथित दुरुपयोग की व्यापक और आपराधिक जांच की मांग की है। इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने संदिग्ध आवेदनों की जांच और नियमों के अनुसार कार्रवाई का निर्देश दिया है। आयोग की प्रक्रिया के तहत अंतिम फैसला सत्यापन और संबंधित मतदाता को सुनवाई का अवसर देने के बाद ही किया जाएगा।