कतर की कोशिश फिर नाकाम! ईरान-अमेरिका अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए कतर की मध्यस्थता की कोशिश एक बार फिर किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन ईरान और अमेरिका अपनी-अपनी शर्तों पर कायम हैं। इसी वजह से किसी बड़े समझौते पर सहमति नहीं बन पाई।

रिपोर्टों के मुताबिक, कतर के मध्यस्थों ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उनकी टीम के साथ बातचीत की। इस दौरान ईरान की ओर से भरोसा बढ़ाने के लिए कुछ कदमों का प्रस्ताव रखा गया। इनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ा मुद्दा भी शामिल है। ईरान ने कुछ शर्तें पूरी होने पर समुद्री आवाजाही को सामान्य करने का संकेत दिया है।

वहीं अमेरिका की प्राथमिकता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिकी पक्ष चाहता है कि किसी भी बड़े समझौते से पहले ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उससे जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर ठोस सहमति बने। इसके अलावा प्रतिबंधों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े मुद्दे भी बातचीत में अहम बने हुए हैं।

ईरान की ओर से अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर भरोसे की कमी का मुद्दा उठाया गया है। तेहरान का कहना है कि बातचीत तभी आगे बढ़ सकती है, जब अमेरिका भी अपनी कुछ कार्रवाइयों में बदलाव करे। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को प्रतिबंधों में राहत देने जैसी खबरों को खारिज किया है।

कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की अपनी कोशिश जारी रखे हुए है। हालांकि, फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ईरान और अमेरिका बातचीत की प्राथमिकताओं और समझौते की शर्तों को लेकर एक-दूसरे के करीब नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए आगे की बातचीत और दोनों पक्षों की सहमति अहम होगी।