मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई को लेकर सोमवार को तनाव बढ़ गया। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी और पथराव की घटनाएं सामने आईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
मामला अब्दालपुरा इलाके में स्थित शाही मस्जिद से जुड़ा है। प्रशासन के मुताबिक, मस्जिद का एक हिस्सा सड़क चौड़ीकरण की प्रस्तावित योजना की जद में आ रहा है। यह परियोजना 2028 के सिंहस्थ कुंभ को देखते हुए शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बनाई गई है। करीब 9.8 करोड़ रुपये की इस परियोजना में 730 मीटर सड़क को चौड़ा किया जाना है और अधिकारियों के अनुसार 272 संरचनाएं प्रभावित होंगी, जिनमें धार्मिक स्थल भी शामिल हैं।
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि मस्जिद को सड़क चौड़ीकरण से बाहर रखा जाना चाहिए और सड़क का विस्तार दूसरी तरफ की संरचनाओं को हटाकर किया जा सकता है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने मस्जिद को ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाला स्थल बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई रोकने की मांग की है। Indian Express के अनुसार, मस्जिद प्रबंधन से जुड़े लोगों का दावा है कि यह संरचना करीब 636 साल पुरानी है, हालांकि इसकी ऐतिहासिक उम्र का दावा संबंधित पक्ष की ओर से किया गया है।
विवाद को लेकर कानूनी प्रक्रिया भी चल चुकी है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 9 सितंबर को मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के खिलाफ दायर दो याचिकाएं खारिज कर दी थीं। अदालत ने कहा था कि नगर निगम ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है। अदालत के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि इसी सड़क पर 10 मंदिरों और एक अन्य मस्जिद के हिस्सों पर भी कार्रवाई की जा चुकी है तथा शहर में करीब 80 धार्मिक स्थलों से जुड़े निर्माणों पर कार्रवाई का रिकॉर्ड प्रशासन ने पेश किया था।
सोमवार को स्थिति को देखते हुए इलाके में 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और मस्जिद के आसपास करीब 500 मीटर के क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस के मुताबिक, पथराव के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।
विरोध के बीच कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रशासन से धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करने की अपील की। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सड़क विकास परियोजना के समर्थन में अपने पैतृक मकान के उस हिस्से को भी हटाने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया जो प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आता है। उन्होंने इसे शहर के विकास के लिए उदाहरण पेश करने से जोड़ा।फिलहाल उज्जैन में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। मस्जिद के प्रभावित हिस्से को लेकर कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के बीच विरोध प्रदर्शन और पथराव ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।





