लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद परिसर में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक किसी भी तरह की चर्चा नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा पेपर लीक और छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें हैं— पहली, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें; दूसरी, छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो; और तीसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों से माफी मांगें। उनका कहना था कि इन मांगों पर कार्रवाई होने से पहले सरकार के साथ किसी प्रकार की चर्चा नहीं होगी।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने संसद में विपक्ष का पक्ष रखने की कोशिश की तो उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई। उनके अनुसार, सरकार छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सार्थक बहस कराने की इच्छुक नहीं है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलनों को लेकर सरकार को घेर रहे हैं।
विपक्ष का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सुधारात्मक उपाय किए जा रहे हैं और इस विषय पर चर्चा के लिए वह तैयार है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है। अब राजनीतिक नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या गतिरोध समाप्त होगा या संसद की कार्यवाही इसी तरह बाधित होती रहेगी।




