असम में बाल विवाह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 54 पति गिरफ्तार; 66 मामले दर्ज

असम में बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बाल विवाह से जुड़े 66 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 54 पतियों समेत आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन मामलों में नाबालिग लड़कियों से विवाह करने के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस ने संबंधित मामलों में पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की है। इस अभियान का उद्देश्य बाल विवाह पर रोक लगाना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना है।

पुलिस के अनुसार, इन मामलों में आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत कम उम्र में होने वाले विवाह को रोकने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान है। वहीं, पॉक्सो अधिनियम 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। मामले की परिस्थितियों और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है।

असम में बाल विवाह को रोकना लंबे समय से प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। कम उम्र में शादी होने से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। विशेष रूप से लड़कियों को पढ़ाई बीच में छोड़ने, कम उम्र में गर्भधारण और आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर रहने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में बाल विवाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ समाज में जागरूकता फैलाना भी जरूरी है।

पुलिस की इस कार्रवाई को बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ आरोपों का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए कानून का सख्ती से पालन कराने के साथ-साथ परिवारों को जागरूक करना, बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देना और उन्हें सुरक्षित भविष्य के अवसर उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।