केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार, 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की सभी सेवाओं में पुलिस की सेवा सबसे कठिन है। जब देश के लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं, तब पुलिसकर्मी सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था संभालने के लिए ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।
अमित शाह ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत रखने में पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अहम भूमिका है। उन्होंने पुलिसकर्मियों के धैर्य, साहस, अनुशासन और समर्पण की तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए कई जवानों ने अपना जीवन तक बलिदान कर दिया है। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
गृह मंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 को देश में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा पड़ाव हासिल हुआ। उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), कोबरा बटालियन और अन्य सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कश्मीर और पूर्वोत्तर में सुरक्षा की स्थिति में हुए सुधार का भी उल्लेख किया।
अमित शाह ने इस दौरान देश को नशे की समस्या से मुक्त करने का लक्ष्य भी दोहराया। उन्होंने पुलिस बलों से अपील की कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी और नशे के कारोबार के खिलाफ मिलकर अभियान चलाएं। सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशे की समस्या से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाता है और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों को आर्थिक मदद भी पहुंचा सकता है।
पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। वर्ष 1959 में इसी दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले में 10 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इस दिन देशभर में पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद किया जाता है और उनकी सेवा के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है।





