बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने देश में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को लेकर अपनी बात रखी और कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास करके मतदान किया था। पिछले 12 साल में देश के लिए किए गए उनके कार्यों को देखकर उनका विश्वास आज भी कायम है।
अनुपम खेर ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को सरकार की आलोचना करने, प्रधानमंत्री से सवाल पूछने और उनके फैसलों से असहमत होने का अधिकार है। हालांकि, विरोध के नाम पर प्रधानमंत्री या उनके परिवार के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करना और पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अपनी बात रखने के लिए गाली-गलौज की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
अभिनेता ने चुनाव में गड़बड़ी और चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर किसी को चुनाव प्रक्रिया पर सवाल है, तो उसे सबूतों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए और कानूनी व संवैधानिक रास्तों से जवाब मांगना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी आरोप को सच साबित करने के लिए प्रमाण जरूरी हैं।
अनुपम खेर ने कहा कि अगर कोई मौजूदा सरकार को बदलना चाहता है, तो उसे चुनाव लड़कर जनता का विश्वास जीतना चाहिए। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतंत्र का हिस्सा बताया, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और किसी को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों का विरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति को उसके साधारण परिवार से आने या चाय बेचने जैसे काम के लिए अपमानित करना गलत है। मेहनत करके जीवन में आगे बढ़ना सम्मान की बात है।
अपने वीडियो में अनुपम खेर ने यह भी कहा कि कलाकारों और आम नागरिकों की राजनीतिक सोच अलग-अलग हो सकती है। किसी एक पेशे से जुड़े होने का मतलब यह नहीं है कि सभी लोगों की राय एक जैसी हो। उन्होंने साफ किया कि दूसरे लोगों को अपनी बात कहने का अधिकार है, तो उन्हें भी विरोध के तरीकों पर सवाल उठाने का अधिकार है।
अनुपम खेर ने अंत में लोगों से अपील की कि वे अपनी राय शांति और सम्मान के साथ रखें। उन्होंने कहा कि शालीन होने का मतलब चुप रहना नहीं है। देश की शांति, एकता और अखंडता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने वीडियो के जरिए स्पष्ट किया कि राजनीतिक असहमति के बावजूद एक-दूसरे का अपमान किए बिना भी अपनी बात मजबूती से रखी जा सकती है।





