पहले मिलते थे आश्वासन, अब मिल रही हैं सौगातें: सीएम योगी, वाराणसी को मिली तीन नई ट्रेनें

दीपावली और छठ पूजा से पहले वाराणसी के लोगों को रेलवे की बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 31 अक्टूबर को वाराणसी में तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर, बनारस-प्रयागराज रामबाग मेमू और वाराणसी सिटी-राजातालाब मेमू ट्रेन शामिल हैं। इस दौरान दोनों नेताओं ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सुविधाओं का जायजा लिया और स्कूली बच्चों व लोको पायलट से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट भी बांटी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा कि पहले लोगों को सिर्फ आश्वासन मिलते थे, लेकिन अब विकास के साथ एक के बाद एक सौगातें मिल रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से वाराणसी से दिल्ली का सफर अब 8 से 9 घंटे में पूरा होगा, जबकि पहले इसमें 13 से 14 घंटे लगते थे।

इसके अलावा बनारस से राजातालाब और प्रयागराज के लिए शुरू हुई मेमू ट्रेनें आम लोगों को सस्ती यात्रा की सुविधा देंगी। राजातालाब तक महीने भर की यात्रा केवल 95 रुपये और प्रयागराज तक 220 रुपये में की जा सकेगी। इससे छात्रों, किसानों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सभी रेलवे लाइनें ब्रॉडगेज हो चुकी हैं और उनका विद्युतीकरण पूरा हो गया है। प्रदेश के 157 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया गया है। वहीं मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग की जगह ओवरब्रिज और अंडरपास बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का 1000 किलोमीटर से अधिक हिस्सा उत्तर प्रदेश से गुजरता है, जिससे माल ढुलाई आसान और तेज हुई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली और वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके शुरू होने पर दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब साढ़े तीन घंटे में तय हो सकेगी। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, आधुनिक सड़कों, एयरपोर्ट विस्तार और घाटों के विकास का भी जिक्र किया। साथ ही 25 अक्टूबर को नमो घाट पर हुए एयरशो को नए भारत और आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था की झलक बताया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य वर्चुअल माध्यम से जुड़े। वाराणसी में मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत प्रशासक पूनम मौर्य और कई विधायक व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

नई रेल सेवाओं से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा। इससे दैनिक यात्रियों के साथ-साथ छात्रों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।