UN में कब-कब हुई पाकिस्तान की किरकिरी? कश्मीर से आतंकवाद तक, भारत ने दिया जवाब

भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर और आतंकवाद को लेकर विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। यह विवाद संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भी कई बार देखने को मिला है। पाकिस्तान ने UN में कश्मीर को लेकर भारत पर कई आरोप लगाए, लेकिन भारत ने हर बार उसके दावों का जवाब देते हुए आतंकवाद और सीमा पार हिंसा का मुद्दा उठाया।

पाकिस्तान लंबे समय से कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश करता रहा है। भारत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत का यह भी कहना रहा है कि दोनों देशों के बीच मुद्दों का समाधान द्विपक्षीय बातचीत से होना चाहिए, लेकिन आतंकवाद को बातचीत से अलग नहीं किया जा सकता।

UN के अलग-अलग मंचों पर भारत ने मुंबई आतंकी हमला, पठानकोट, उरी, पुलवामा और जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमलों का मुद्दा उठाया। भारत ने पाकिस्तान की धरती से सक्रिय आतंकी संगठनों और उनके नेटवर्क पर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा।

सितंबर 2024 में UN महासभा के 79वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान के बयान का ‘Right of Reply’ के जरिए जवाब दिया। वहीं, अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हमले की निंदा करते हुए दोषियों, आयोजकों, फंडिंग करने वालों और समर्थकों को जवाबदेह ठहराने की बात कही।

2025 की UN महासभा में भी दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे। पाकिस्तान ने कश्मीर का मुद्दा उठाया, जबकि भारत ने आतंकवाद और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी नेटवर्क का मुद्दा सामने रखा। भारत ने अपने जवाब में ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में लंबे समय तक रहने का भी उल्लेख किया।

UN के रिकॉर्ड से साफ है कि भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय मंच पर सबसे बड़ा टकराव कश्मीर और आतंकवाद को लेकर रहा है। पाकिस्तान जहां कश्मीर को मुद्दा बनाता रहा है, वहीं भारत ने आतंकवाद और सीमा पार हिंसा को प्रमुखता से उठाकर उसके आरोपों का जवाब दिया है।