श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर अब आतंकवाद और अलगाववाद के बजाय विकास, लोकतंत्र और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
जम्मू-कश्मीर स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मनोज सिन्हा ने कहा कि पहले घाटी में आतंकवाद, हिंसा, हड़ताल और पत्थरबाजी के कारण आम लोगों का जीवन प्रभावित होता था। लेकिन अब सुरक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है और लोगों को विकास के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का भी जिक्र किया।
उपराज्यपाल ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने से जम्मू-कश्मीर में समान अधिकारों और राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूती मिली है। पंचायतों और स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ी है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में लोगों की भागीदारी को उन्होंने लोकतंत्र के प्रति बढ़ते विश्वास का उदाहरण बताया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। युवाओं को रोजगार और स्टार्टअप के अवसर देने के साथ महिलाओं और किसानों के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का भविष्य शांति, विश्वास और विकास पर आधारित होगा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक प्रदेश को समृद्ध और विकसित बनाना है। उन्होंने इस बदलाव में स्थानीय लोगों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।





