उत्तर प्रदेश की योगी सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके हुनर को पहचान दिलाने के लिए एक नई पहल करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के सभी मंडलों में दीपावली मेले आयोजित किए जाएंगे। इन मेलों में दिव्यांगजनों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा और उनकी बिक्री भी होगी। सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराना और स्वरोजगार के नए अवसर देना है।
इस योजना के तहत लखनऊ मंडल में दीपावली मेले के आयोजन के लिए सात लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं, प्रदेश के अन्य सभी मंडलों को मेले के आयोजन के लिए तीन-तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। इससे मंडल स्तर पर बेहतर तरीके से आयोजन किया जा सकेगा और अधिक से अधिक दिव्यांगजन इसमें हिस्सा ले सकेंगे।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने सभी मंडलों के उपनिदेशकों और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारियों को मेले की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों से आयोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने और शेष मंडलों व जिलों से प्रस्ताव जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इन मेलों में दिव्यांगजनों द्वारा बनाई गई हस्तनिर्मित वस्तुओं और अन्य उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे उन्हें सीधे ग्राहकों तक पहुंचने, अपने उत्पादों की बिक्री करने और नए ग्राहक बनाने का अवसर मिलेगा। साथ ही उनके काम को पहचान मिलेगी और आमदनी बढ़ाने का रास्ता भी खुलेगा।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों की प्रतिभा और कौशल को उचित मंच देना है। सभी मंडलों में आयोजित होने वाले दीपावली मेले इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों से दिव्यांगजनों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।




