मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ और बाबा काल भैरव मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अक्टूबर 2026 को वाराणसी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने काशी के प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और बाबा काल भैरव मंदिर में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और बाबा काल भैरव के दर्शन कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। उनके इस धार्मिक दौरे के दौरान काशी की आध्यात्मिक परंपरा और धार्मिक आस्था की झलक देखने को मिली।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा काल भैरव के मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा के दर्शन किए और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा काल भैरव को काशी का रक्षक माना जाता है। मान्यता है कि काशी में बाबा काल भैरव के दर्शन का विशेष महत्व है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।

इसके बाद मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मुख्यमंत्री ने बाबा विश्वनाथ के समक्ष शीश नवाकर प्रदेश और देश की खुशहाली की प्रार्थना की।

वाराणसी को भगवान शिव की नगरी और भारत की प्राचीन धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यहां काशी विश्वनाथ मंदिर और बाबा काल भैरव मंदिर का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। दोनों मंदिरों में मुख्यमंत्री का दर्शन-पूजन करना काशी की धार्मिक परंपराओं के प्रति उनकी आस्था को दर्शाता है। उनकी इस यात्रा के माध्यम से एक बार फिर वाराणसी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान सामने आई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। मंदिरों में पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने प्रदेश की जनता के कल्याण और समृद्धि की कामना की। काशी की पावन धरती पर उनके दर्शन-पूजन ने शहर की आध्यात्मिक परंपरा और आस्था के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया।