देश में कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘पब्लिक इंपीचमेंट’ कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी में शामिल लोग बच नहीं पाएंगे और ज्ञानेश कुमार को अपने पद से जाना होगा।
यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित हुआ, जिसमें करीब 19 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। इस दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेता मौजूद रहे।
विपक्ष ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रखने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ छह आरोपों वाला प्रस्ताव पेश किया। वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने कथित वोट चोरी में शामिल लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
गौरतलब है कि ‘पब्लिक इंपीचमेंट’ संसद में होने वाली आधिकारिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं, बल्कि विपक्ष का एक प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम था। INDIA गठबंधन ने इस मुद्दे पर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित करने की भी तैयारी की है। अब इस मामले में चुनाव आयोग के जवाब और आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर है।




