बैठक में नहीं पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह, फिर भी BJP ने दिया सम्मान, यूपी प्रदेश कार्यसमिति में मिली जगह

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें अपनी नई उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यसमिति में शामिल किया है। खास बात यह है कि पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बृजभूषण शामिल नहीं हुए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें संगठन में जगह दी गई है। इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP के संगठनात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश BJP अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 26 अक्टूबर 2026 को नई प्रदेश कार्यसमिति की सूची जारी की थी। इसमें बृजभूषण शरण सिंह के साथ गोंडा जिले के छह अन्य नेताओं को भी जगह मिली है। यह पहली बार है जब बृजभूषण को पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति में शामिल किया गया है, जबकि उनका राजनीतिक अनुभव चार दशक से अधिक का है और वह छह बार सांसद रह चुके हैं।

दरअसल, महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद BJP ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया था। उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज से उम्मीदवार बनाया गया था। अगस्त 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में बृजभूषण को बरी कर दिया था। हालांकि, चार महिला पहलवानों ने इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी है और मामला अभी कानूनी प्रक्रिया में है।

वहीं, 30 अक्टूबर को लखनऊ में हुई BJP की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बृजभूषण शामिल नहीं हुए। उनके प्रतिनिधि के अनुसार, वह पंजाब में थे। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुरुआती सत्र को संबोधित किया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समापन सत्र में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

नई प्रदेश कार्यसमिति में कुल 712 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 548 नियमित सदस्य, 134 विशेष आमंत्रित और 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं। पार्टी की इस बैठक में संगठन को मजबूत करने और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई। बृजभूषण को कार्यसमिति में जगह मिलने से प्रदेश की राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।