अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए वरिष्ठ सुरक्षा एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने त्रैमासिक समीक्षा बैठक की। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर स्थित यात्री सुविधा केंद्र के सभागार में आयोजित इस बैठक में मंदिर परिसर की सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, मौजूदा व्यवस्था का आकलन कर सुधार की आवश्यकता वाले बिंदुओं की पहचान करने पर जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविन्ददेव गिरि जी महाराज ने की। वह कोलकाता से ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। उन्होंने अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत सुझावों को सुना और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने विचार भी साझा किए।
बैठक में पुलिस महानिदेशक, सुरक्षा अमरेन्द्र कुमार सेंगर, अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन प्रवीण कुमार, खुफिया ब्यूरो (आईबी) की अपर महानिदेशक विनीता शर्मा और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के उपमहानिरीक्षक विनय नेगी ने अपने सुझाव रखे। अधिकारियों ने मंदिर परिसर की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया।
इस अवसर पर ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र (सेवानिवृत्त), सचिव जगदीश आफले, पुलिस अधीक्षक, सुरक्षा विजय शंकर मिश्रा और मंदिर के सुरक्षा प्रभारी के.के. तिवारी भी उपस्थित रहे। इसके अलावा अयोध्या के मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक का प्रमुख उद्देश्य मंदिर परिसर के प्रत्येक हिस्से की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करना और संभावित कमियों को समय रहते दूर करने के उपाय तलाशना रहा। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी के साथ आपसी समन्वय को मजबूत बनाने तथा सुरक्षा संबंधी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने पर जोर दिया गया।
राम मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। त्रैमासिक समीक्षा बैठक इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था का लगातार आकलन कर आवश्यक सुधारों पर काम करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है।




