निवेश, नवाचार और उद्योग का प्रमुख केंद्र बन रहा उत्तर प्रदेश, सीएम योगी ने बताया 2017 के बाद का बदलाव

लखनऊ, 28 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश को निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा करते हुए वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में आए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रहा है और राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए न तो स्पष्ट दृष्टि थी और न ही कोई ठोस कार्ययोजना। उनके अनुसार, डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नई कार्यसंस्कृति विकसित की गई है। इसके लिए सरकार ने रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म यानी सुधार, बेहतर काम और बदलाव के मंत्र को अपनाया है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी नीतियों और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण उत्तर प्रदेश निवेश, नवाचार और उद्योग के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करना, उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देना और औद्योगिक विकास की प्रक्रिया को तेज करना है। इससे राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसी दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 28 अक्टूबर को सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में उत्तर प्रदेश में निवेश की नई संभावनाओं पर चर्चा होगी। इसके साथ ही पहले से चल रही परियोजनाओं को गति देने और निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारकर उत्पादन शुरू कराने पर भी जोर रहेगा। सरकार का प्रयास है कि निवेश केवल समझौतों और प्रस्तावों तक सीमित न रहे, बल्कि उसके माध्यम से वास्तविक औद्योगिक गतिविधियां शुरू हों और प्रदेश को उनका लाभ मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निवेश और उद्योगों के विस्तार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि हर निवेश से नया उद्योग स्थापित हो, हर उद्योग से रोजगार के अवसर पैदा हों और हर रोजगार से परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर बने। इससे प्रदेश के लोगों को आजीविका के नए अवसर मिल सकते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास के माध्यम से प्रदेश की आर्थिक क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल के साथ होने वाली बैठक भी इसी प्रयास का हिस्सा है। अब निवेश की संभावनाओं को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना, उत्पादन शुरू कराना और रोजगार के अवसर बढ़ाना इस दिशा में महत्वपूर्ण होगा।