इजरायल ने अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विदेशी एयरलाइंस के पायलटों और केबिन क्रू को लेकर नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत पाकिस्तान समेत उन देशों के नागरिकों को इजरायल जाने वाली उड़ानों में ड्यूटी करने से रोका जा रहा है, जिनके इजरायल के साथ आधिकारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। फ्रांस की एयरलाइन एयर फ्रांस ने इन नियमों का पालन शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रतिबंध पायलटों के साथ-साथ केबिन क्रू पर भी लागू होता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल के परिवहन मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2026 को विदेशी एयरलाइंस को नए निर्देश दिए थे। इसके तहत इजरायल के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली उड़ानों के पायलट और केबिन क्रू के पास उन देशों की नागरिकता नहीं होनी चाहिए, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। यह नियम दोहरी नागरिकता रखने वाले कर्मचारियों पर भी लागू हो सकता है। खबरों में इस सूची में पाकिस्तान सहित करीब 29 से 31 देशों का जिक्र किया गया है।
इस फैसले के पीछे 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में हुई गंभीर सुरक्षा घटना को भी वजह माना जा रहा है। आरोप है कि विमान के ओमानी सह-पायलट ने भारतीय कप्तान स्मित मच्छर पर हमला किया और विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। इस घटना के बाद विमान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। हालांकि, मामले से जुड़ी सभी परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इजरायल के नए नियमों का असर दूसरी एयरलाइंस पर भी दिखाई दे रहा है। एयर फ्रांस ने नियमों का पालन करने की पुष्टि की है, जबकि अमेरिकी एयरलाइन यूनाइटेड एयरलाइंस ने भी अपने पायलटों और केबिन क्रू को इन प्रतिबंधों की जानकारी दी है। चेक गणराज्य की एयरलाइन स्मार्टविंग्स ने भी नियमों का पालन करने की बात कही है। इसके अलावा, इथियोपियन एयरलाइंस की एक उड़ान को तेल अवीव जाते समय वापस लौटने का निर्देश दिया गया, क्योंकि विमान में इंडोनेशियाई पायलट मौजूद था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पायलट को बदलने के बाद विमान ने दोबारा अपनी यात्रा शुरू की।
हालांकि, इस फैसले पर सवाल भी उठ रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीयता के आधार पर कर्मचारियों को उड़ानों से हटाने का मामला भेदभाव से जुड़े कानूनी विवाद पैदा कर सकता है। खासकर फ्रांस जैसे देशों में रोजगार और समानता से जुड़े कानूनों के तहत इस फैसले को चुनौती दी जा सकती है। फिलहाल, एयर फ्रांस और अन्य प्रभावित एयरलाइंस के सामने इजरायल के सुरक्षा नियमों का पालन करने और अपने कर्मचारियों के अधिकारों का ध्यान रखने की चुनौती है।





