अल्बानिया में छात्रों का प्रदर्शन हिंसक, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का किया इस्तेमाल

तिराना: यूरोपीय देश अल्बानिया की राजधानी तिराना में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों को लेकर आयोजित किया गया था। छात्रों ने विश्वविद्यालयों में खराब सुविधाओं, उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत, आर्थिक सहायता की कमी और पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के सीमित अवसरों पर नाराजगी जताई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने देश में सामाजिक असमानता और सरकार की नीतियों के खिलाफ भी आवाज उठाई।

प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय बिगड़ गए, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्रालय की इमारत की ओर ईंटें और कंक्रीट के टुकड़े फेंके। इस दौरान इमारत की खिड़कियों को नुकसान पहुंचने की भी खबर सामने आई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों में भी छात्रों और पुलिस के बीच झड़प, आंसू गैस के इस्तेमाल और लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई है।

प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्रों ने कहा कि अल्बानिया में शिक्षा और रोजगार से जुड़े अवसरों में सुधार की जरूरत है। उनका मानना है कि युवाओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए, ताकि वे पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार हासिल कर सकें। कुछ प्रदर्शनकारियों ने व्यापक राजनीतिक और सामाजिक बदलाव की मांग भी उठाई।

अल्बानिया की उपप्रधानमंत्री अल्बाना कोचिउ ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि पत्थर फेंकना, सरकारी संस्थानों पर हमला करना और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना विरोध जताने का उचित तरीका नहीं है। उन्होंने युवाओं के मुद्दों पर चर्चा की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए हिंसा से दूर रहने की अपील की।

यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब यूरोप के कई देशों में छात्र शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। अल्बानिया में भी छात्रों की मांगों ने शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है।

फिलहाल, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।