न्यूयॉर्क के मेयर पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी के एक बयान को लेकर अमेरिका में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। 7 अक्टूबर को हमास के इजरायल पर हमले की तीसरी बरसी के मौके पर ममदानी ने एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने हमले में मारे गए इजरायली नागरिकों और बंधक बनाए गए लोगों के प्रति संवेदना जताई। साथ ही उन्होंने गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई और फिलिस्तीनियों की मौतों का भी जिक्र किया।
ममदानी ने कहा कि 7 अक्टूबर का दिन न्यूयॉर्क और दुनिया भर में कई लोगों के लिए बेहद दर्दनाक है। उन्होंने हमास के हमले में 1,100 से ज्यादा इजरायली लोगों की मौत और 251 लोगों के बंधक बनाए जाने का उल्लेख किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लोगों की पीड़ा 7 अक्टूबर के साथ खत्म नहीं हुई और गाजा में भी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई।
ममदानी के इस बयान पर इजरायल समर्थक नेताओं और कई यहूदी संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई। आलोचकों का कहना है कि 7 अक्टूबर की बरसी पर हमास के हमले के पीड़ितों को याद करने के बजाय इजरायल की कार्रवाई को मुद्दा बनाना उचित नहीं था। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उनके बयान में हमास के हमले की पर्याप्त निंदा नहीं की गई।
पूर्व अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने भी ममदानी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ममदानी एक तरफ इजरायल के लोगों के प्रति संवेदना जता रहे हैं और दूसरी तरफ उसी बयान में इजरायल की आलोचना कर रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने ममदानी के रवैये को ‘चुंबन के साथ तमाचा’ जैसा बताया।
दूसरी ओर, फिलिस्तीन समर्थक पक्ष में भी ममदानी को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इस तरह उनके बयान ने अमेरिका में इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। ममदानी की विदेश नीति और गाजा को लेकर उनका रुख पहले से ही अमेरिकी राजनीति में चर्चा का विषय रहा है।





