SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इंडिया ब्लॉक आज लगातार तीसरे दिन SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने की तैयारी में है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया से बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष ने इस प्रक्रिया पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
इससे पहले लगातार दो दिनों तक दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के नेताओं और सांसदों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस हिरासत में भी लिया गया था। विपक्ष का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ी हुई है।
इसी बीच बेंगलुरु में CJP की ओर से भी SIR के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। यह प्रदर्शन फ्रीडम पार्क में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में पहले ‘पीपल्स ट्रिब्यूनल’ आयोजित होगा, जहां उन लोगों की बात सुनी जाएगी, जिनका दावा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इसके बाद CJP की ओर से ‘चप्पल प्रोटेस्ट’ किया जाएगा।
CJP ने SIR को रोकने, पुरानी मतदाता सूची बहाल करने और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच कराने जैसी मांगें रखी हैं। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है। प्रदर्शन में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कई लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।
SIR को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध के बीच राजनीतिक टकराव भी बढ़ता जा रहा है। इंडिया ब्लॉक और अन्य संगठनों का आंदोलन अब लगातार तेज हो रहा है। वहीं चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची को अपडेट और व्यवस्थित करने की प्रक्रिया के तौर पर देखता है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी बहस और तेज होने की संभावना है।





