देश के कोने-कोने तक पहुंचा 5G, डिजिटल डिवाइड की चुनौती हुई कम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल कनेक्टिविटी और टेलीकॉम सेक्टर में हुई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एक समय भारत के सामने डिजिटल डिवाइड यानी तकनीक और इंटरनेट की पहुंच में असमानता एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब देश इस अंतर को तेजी से कम करने में सफल रहा है।

पीएम मोदी ने बताया कि आज 5G कनेक्टिविटी देश के लगभग हर जिले तक पहुंच चुकी है। 5G सेवा अब देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में उपलब्ध है और बड़ी आबादी को इसका लाभ मिल रहा है। इससे गांवों और दूरदराज के इलाकों में भी तेज इंटरनेट की पहुंच बढ़ी है और लोगों के लिए डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल आसान हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल फोन अब केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है। यह शिक्षा, डिजिटल पेमेंट, कारोबार, स्वास्थ्य सेवाओं, सरकारी सुविधाओं और रोजगार से जुड़ा महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी ने डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन शिक्षा, कंटेंट क्रिएशन और गेमिंग जैसे क्षेत्रों को भी नई गति दी है।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में 5G और 6G के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसी नई तकनीकों पर भी चर्चा हो रही है। इसमें दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि, टेक कंपनियां, स्टार्टअप और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

पीएम मोदी ने भारत की डिजिटल यात्रा को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना जरूरी है। भारत अब केवल 5G कनेक्टिविटी के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि 6G और नई तकनीकों के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत स्थिति बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।