बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा यानी EOW ने मिठी नदी की सफाई और गाद निकालने से जुड़े कथित घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, 2 अक्टूबर को बांद्रा स्थित उनके आवास पर करीब आठ घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। जांच का केंद्र मिठी नदी के डिसिल्टिंग प्रोजेक्ट में कथित वित्तीय अनियमितताएं हैं, जिसमें बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी BMC को 65.54 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आरोप है।
हालांकि, इस मामले में रिपोर्टों में गिरफ्तारी को लेकर कुछ अंतर भी सामने आया है। Mid-Day और Times of India ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट प्रकाशित की है, जबकि Gulf News ने बताया कि मोरिया ने गिरफ्तारी से इनकार किया था और EOW ने उस समय गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। बाद की रिपोर्टों में उन्हें गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
यह मामला मिठी नदी की करीब 17.84 किलोमीटर लंबी धारा की सफाई और गाद निकालने के लिए दिए गए ठेकों से जुड़ा है। EOW की जांच में कथित तौर पर ठेकों में अनियमितता, उपकरणों के किराये में बढ़ी हुई दरें, फर्जी बिलिंग और गाद हटाने की मात्रा से जुड़े रिकॉर्ड में हेरफेर जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुल 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच में डिनो मोरिया का नाम सामने आने की वजह आरोपियों के साथ उनके कथित संपर्क और वित्तीय लेनदेन बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी केतन कदम के कॉल रिकॉर्ड में मोरिया और उनके भाई सैंटिनो रोको मोरिया के साथ संपर्क सामने आया था। दोनों भाइयों से मई 2025 में भी EOW ने पूछताछ की थी। जांच एजेंसी कथित तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मोरिया और मामले में गिरफ्तार आरोपियों के बीच संबंध तथा वित्तीय लेनदेन किस प्रकृति के थे।
मामले में मोरिया के भाई सैंटिनो की कंपनी UBO Ridez Private Limited का भी उल्लेख जांच में सामने आया है। पुलिस के अनुसार, सैंटिनो और गिरफ्तार आरोपी केतन कदम की पत्नी पुनिता कदम इस कंपनी में निदेशक रहे हैं। जांचकर्ता कंपनी और मामले से जुड़े लोगों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रहे हैं।
मिठी नदी मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भी पहले से मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रहा है। जून 2025 में ED ने मुंबई, कोच्चि और त्रिशूर में 18 ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी ने कहा था कि उसकी शुरुआती जांच में कुछ BMC अधिकारियों, ठेकेदारों और निजी कंपनियों के बीच कथित मिलीभगत के संकेत मिले थे और इससे सरकारी खजाने को 65 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की बात सामने आई थी।EOW की मौजूदा जांच में डिनो मोरिया की कथित भूमिका और मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन की प्रकृति को स्पष्ट करने पर ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और मोरिया के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में साक्ष्यों और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।





