सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद क्यों गई राजा वड़िंग की कुर्सी? पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव

पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ दिया है। यह फैसला ऐसे समय हुआ है, जब पार्टी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। इस बदलाव के पीछे कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट को अहम माना जा रहा है।

सचिन पायलट ने सितंबर 2026 में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन की स्थिति और अंदरूनी मतभेदों को समझने की कोशिश की। पायलट ने पंजाब का दौरा भी किया और नेताओं से मिले फीडबैक के आधार पर पार्टी नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट सौंपी।

पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी और आपसी मतभेद की चर्चा रही है। राजा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर भी पार्टी के कुछ नेताओं की अलग-अलग राय सामने आती रही। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठन में बेहतर तालमेल को लेकर सवाल उठते रहे थे। जुलाई में वड़िंग को पद पर बनाए रखने के बावजूद पार्टी के अंदर मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हो सके।

रिपोर्टों के मुताबिक, सचिन पायलट की रिपोर्ट में संगठन की स्थिति और नेताओं के बीच तालमेल से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख था। इसके बाद कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब संगठन में बदलाव का फैसला किया। हालांकि, पार्टी ने पायलट की रिपोर्ट की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है और न ही आधिकारिक तौर पर यह कहा है कि वड़िंग का इस्तीफा केवल इसी रिपोर्ट के आधार पर हुआ।

अब कांग्रेस के सामने पंजाब के लिए नया प्रदेश अध्यक्ष चुनने की चुनौती है। विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं। नए अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी पार्टी के अलग-अलग गुटों को साथ लाने और 2027 के चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की होगी।

राजा वड़िंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के बाद अब पार्टी नए नेतृत्व की तलाश में है। ऐसे में आने वाला फैसला पंजाब कांग्रेस की चुनावी रणनीति और संगठन की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।