भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। 25 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान आयोजित भारत-GCC ट्रोइका मंत्रिस्तरीय बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग की समीक्षा की और भारत-GCC मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताओं के शुरू होने का स्वागत किया। बैठक में भारत का नेतृत्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया। बैठक में भारत-GCC संयुक्त कार्ययोजना (Joint Action Plan) 2024-28 के तहत हुई प्रगति पर भी चर्चा हुई। इस कार्ययोजना में राजनीतिक संवाद, सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, कृषि और खाद्य सुरक्षा, परिवहन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, संस्कृति तथा शिक्षा जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। दोनों पक्षों ने माना कि इन क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार भारत और GCC देशों के बीच संबंधों की व्यापकता को दर्शाता है।
FTA वार्ता को आर्थिक संबंधों के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है। फरवरी 2026 में भारत और GCC ने FTA के लिए Terms of Reference पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद समझौते की औपचारिक वार्ता का रास्ता तैयार हुआ। प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य व्यापार को बढ़ाना और उसमें विविधता लाना तथा दोनों पक्षों के बीच आर्थिक एकीकरण को मजबूत करना है। बैठक में ऊर्जा सहयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया। पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रम और व्यापारिक मार्गों में आए व्यवधानों के बीच भारत ने GCC देशों द्वारा ऊर्जा और उर्वरकों की आपूर्ति जारी रखने के लिए आभार जताया। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा, जैव ईंधन और हरित तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

भारत और GCC ने खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, नई तकनीक, निवेश और लोगों के बीच संपर्क को भी आगे बढ़ाने पर चर्चा की। इसके अलावा पश्चिम एशिया की स्थिति, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और समुद्री यातायात की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। भारत ने नाविकों और वाणिज्यिक शिपिंग की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत और GCC के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ही महत्वपूर्ण हैं। बैठक में दोनों पक्षों ने FTA वार्ता को आगे बढ़ाने और व्यापक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। आने वाले समय में इन वार्ताओं की प्रगति से व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी के कई क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है।




