भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए Comprehensive Economic Cooperation Agreement (CECA) पर बातचीत जारी है। प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के साथ-साथ निवेश को बढ़ावा देना है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार, दोनों देशों के बीच वित्त वर्ष 2024-25 में वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 54.4 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर रहा। इस व्यापक आर्थिक समझौते के तहत द्विपक्षीय निवेश संधि (Bilateral Investment Treaty) से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसी व्यवस्था से दोनों देशों के निवेशकों के लिए नियमों में स्पष्टता और निवेश से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा का ढांचा मजबूत किया जा सकता है। हालांकि, निवेश संधि की अंतिम शर्तें और व्यापक CECA के सभी प्रावधान बातचीत के जरिए तय किए जाने हैं।भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग की मौजूदा नींव Economic Cooperation and Trade Agreement (ECTA) है, जो 29 दिसंबर 2022 को लागू हुआ था। इस समझौते ने कई वस्तुओं पर टैरिफ में कमी या समाप्ति की व्यवस्था की और सेवाओं, निवेश तथा पेशेवरों की आवाजाही के लिए भी प्रावधान किए। ऑस्ट्रेलियाई सरकार CECA को ECTA से आगे का कदम मानती है।

नए समझौते में व्यापार और निवेश के अलावा शिक्षा, कृषि, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, स्वास्थ्य, वित्तीय सेवाएं, बुनियादी ढांचा, तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं हैं। दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण खनिज और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्र भी आर्थिक साझेदारी के विस्तार में भूमिका निभा सकते हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने पहले भी CECA की दिशा में बातचीत शुरू की थी। वर्ष 2021 में दोनों देशों ने वार्ता को फिर से शुरू किया था, जिसके बाद ECTA को पहले लागू किया गया और अब अधिक व्यापक CECA पर काम आगे बढ़ रहा है। इस समझौते की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों देश बाजार पहुंच, निवेश नियम, सेवाओं और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर किस तरह सहमति बनाते हैं। यदि बातचीत सफल रहती है, तो CECA भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार और निवेश संबंधों के लिए मौजूदा ECTA से अधिक व्यापक ढांचा तैयार कर सकता है।





