लखनऊ में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

लखनऊ में शुक्रवार, 25 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और हटाए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देशभर में कांग्रेस के चल रहे विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा था। पार्टी ने निर्वाचन आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा समेत कई नेता और कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय से मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए और CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। सुन्नी वक्फ बोर्ड कार्यालय के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। कुछ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों को बसों से ईको गार्डन ले जाया गया और बाद में रिहा कर दिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि निर्वाचन आयोग के स्तर पर मतदाता सूचियों और SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और CEC को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की भी मांग की है। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं; निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। लखनऊ का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब SIR और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर राजनीतिक विवाद तेज है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि CEC के खिलाफ उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा।